मरीज़ एक दुबली-पतली तैराक थी! अपने सामान्य प्रतिस्पर्धी स्विमसूट पहनने के बाद, उसे यौन उत्पीड़न थेरेपी दी गई! उसे तरल पदार्थ में भीगा हुआ मास्क पहनने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उसकी चेतना चली गई और उसकी संवेदनशीलता बढ़ गई! उसके संवेदनशील निप्पल उत्तेजित हो गए, और उसका पूरा शरीर काँप उठा! वह कामोन्माद को रोक नहीं पा रही थी और बेहद विनम्र थी! वह लिंग प्रवेश का विरोध नहीं कर सकी और अपने निप्पलों को बेतहाशा मरोड़ने लगी!
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